जीवन एक राह
जीवन है एक राह सुनहरी हम जीवन के राही सुबह यदि है जन्म अगर तो रात है मृत्यु भाई कोई वस्त्र बदल कर पहने कोई नंगा रोए कोई खाए मालपुए और कोई भूखा सोए कही लगी है होड़ सबों की कोई रहे अकेला कही मिले है शाल दशाले कही ना है पत्ते केला कही पर सोए कम्बल गद्दे कही ना मिलता फूस देखो देखो फँस ना जाना लेतेलेते घूस कहीं भरा है घर घर पानी कही सुख रहा खेत देखो कैसे लोग है हम सब बिल पर मार रहे है बेंत तय कर लो निश्चय कर लो किस मंज़िल को है पाना हम सबको है इस जीवनपथ का हर एक प्रहर बिताना